👩⚕️ डॉ. अंजलि गुप्ता (गंगा अमृत हॉस्पिटल): "थायराइड को दवा, सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के कॉम्बिनेशन से बहुत अच्छी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। अपनी दवा नियमित लें और डॉक्टर से सलाह लेकर ही डाइट में कोई बड़ा बदलाव करें।"
- थायराइड के प्रकार और लक्षण
- हाइपोथायराइडISM में क्या खाएं?
- हाइपरथायराइडISM में क्या खाएं?
- थायराइड के मरीजों के लिए लाइफस्टाइल टिप्स
थायराइड के प्रकार (Types of Thyroid)
- हाइपोथायराइडISM (Hypothyroidism): थायराइड हार्मोन का कम बनना। इसमें मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
- हाइपरथायराइडISM (Hyperthyroidism): थायराइड हार्मोन का ज्यादा बनना। इसमें मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है।
हाइपोथायराइडISM के लक्षण (Symptoms of Hypothyroidism)
- थकान और कमजोरी महसूस होना
- वजन बढ़ना (Weight Gain)
- ठंड सहन न होना (Cold Intolerance)
- कब्ज (Constipation)
- त्वचा का रूखा और बालों का झड़ना
- डिप्रेशन और याददाश्त कमजोर होना
- मांसपेशियों में दर्द और अकड़न
हाइपरथायराइडISM के लक्षण (Symptoms of Hyperthyroidism)
- वजन कम होना (Weight Loss)
- तेज धड़कन या घबराहट (Palpitations)
- गर्मी सहन न होना (Heat Intolerance)
- ज्यादा पसीना आना और हाथों में कंपन
- चिड़चिड़ापन और बेचैनी
- नींद न आना (Insomnia)
हाइपोथायराइडISM में क्या खाएं? (Diet for Hypothyroidism)
1. आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt)
आयोडीन थायराइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है। खाने में आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें, लेकिन ज्यादा मात्रा में नहीं।
2. सीमित मात्रा में सोया उत्पाद (Soy in Moderation)
टोफू, सोया मिल्क, सोयाबीन जैसे सोया उत्पाद थायराइड की दवा (लेवोथायरोक्सिन) के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं। इन्हें दवा लेने के 3-4 घंटे बाद ही खाएं और सीमित मात्रा में।
3. साबुत अनाज और फाइबर (Whole Grains & Fiber)
ओट्स, ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, दलिया जैसे फाइबर युक्त भोजन करें। यह कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
4. सेलेनियम युक्त आहार (Selenium Rich Foods)
सेलेनियम थायराइड हार्मोन को एक्टिव करने में मदद करता है। ब्राजील नट्स (दिन में 1-2), टूना मछली, अंडे, सूरजमुखी के बीज खाएं।
5. जिंक युक्त आहार (Zinc Rich Foods)
जिंक भी थायराइड फंक्शन के लिए जरूरी है। कद्दू के बीज, चना, दालें, नट्स खाएं।
हाइपरथायराइडISM में क्या खाएं? (Diet for Hyperthyroidism)
1. कैल्शियम और विटामिन डी (Calcium & Vitamin D)
हाइपरथायराइडISM में हड्डियां कमजोर होने का खतरा रहता है। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां खूब खाएं।
2. क्रूसिफेरस सब्जियां (Cruciferous Vegetables)
फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स में ऐसे तत्व होते हैं जो थायराइड हार्मोन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें खूब खाएं, खासकर पकाकर।
3. एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल (Antioxidant Rich Fruits)
जामुन, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, चेरी, टमाटर खाएं।
थायराइड में क्या न खाएं? (Foods to Avoid in Thyroid)
- प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड: इनमें सोडियम और अनहेल्दी फैट ज्यादा होता है, जो थायराइड को बिगाड़ सकता है।
- ज्यादा चीनी और मीठा: यह वजन बढ़ा सकता है और इंफ्लेमेशन बढ़ा सकता है।
- कच्ची क्रूसिफेरस सब्जियां (हाइपोथायराइडISM में): अगर आपको हाइपोथायराइडISM है, तो फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सब्जियां कच्ची न खाएं। पकाकर खाने से इनका नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।
- ग्लूटेन (Gluten): कुछ लोगों में ग्लूटेन (गेहूं, जौ में पाया जाता है) थायराइड की समस्या को बढ़ा सकता है।
थायराइड के लिए लाइफस्टाइल टिप्स (Lifestyle Tips)
- दवा समय पर लें (Medication on Time): थायराइड की दवा (लेवोथायरोक्सिन) सुबह खाली पेट, नाश्ते से कम से कम 30-60 मिनट पहले लें। कैल्शियम या आयरन की गोलियां दवा के 4 घंटे बाद ही लें।
- नियमित व्यायाम करें (Exercise Regularly): रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। योग और प्राणायाम बहुत फायदेमंद हैं। सर्वांगासन, मत्स्यासन, अनुलोम-विलोम थायराइड के लिए अच्छे हैं।
- तनाव कम करें (Manage Stress): ध्यान (Meditation) और गहरी सांस लेने के व्यायाम करें।
- नियमित जांच कराएं (Regular Checkups): अपने थायराइड लेवल (T3, T4, TSH) की नियमित जांच कराते रहें।
✅ थायराइड कंट्रोल के लिए याद रखें
- दवा नियमित लें, बीच में न छोड़ें
- हाइपोथायराइडISM में आयोडीन युक्त नमक लें, सोया सीमित करें
- हाइपरथायराइडISM में क्रूसिफेरस सब्जियां खूब खाएं
- प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी, मैदा से बचें
- योग और प्राणायाम नियमित करें
- तनाव से बचें, पर्याप्त नींद लें
- हर 3-6 महीने में थायराइड टेस्ट कराएं
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