👨⚕️ डॉ. राजेश कुमार (वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ, गंगा अमृत हॉस्पिटल): "टोटल नी रिप्लेसमेंट के बाद मरीज की रिकवरी में उसका सहयोग सबसे अहम होता है। सही एक्सरसाइज, डाइट और सावधानियों से मरीज 3-4 महीने में सामान्य जीवन जी सकता है।"
📌 इस लेख में जानेंगे:
- सर्जरी के तुरंत बाद (हॉस्पिटल में) क्या होता है?
- घर लौटने के बाद पहले हफ्ते क्या करें?
- फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज कैसे करें?
- क्या खाएं और क्या न खाएं?
- घाव की देखभाल कैसे करें?
- कब डॉक्टर के पास जाना है?
- किन कामों से बचना है?
सर्जरी के तुरंत बाद (हॉस्पिटल में) - पहले 2-3 दिन
ऑपरेशन के तुरंत बाद:
- आईसीयू में: सर्जरी के बाद मरीज को 1-2 दिन आईसीयू या हाई डिपेंडेंसी यूनिट में रखा जाता है।
- दर्द प्रबंधन: पेन किलर दवाएं दी जाती हैं। कई बार पेशेंट कंट्रोल्ड एनाल्जेसिया (PCA) पंप लगाया जाता है, जिससे मरीज खुद बटन दबाकर दर्द की दवा ले सकता है।
- ड्रेनेज ट्यूब: ऑपरेशन वाली जगह पर एक ट्यूब लगी होती है जो खून और तरल पदार्थ निकालती है, 1-2 दिन में हटा दी जाती है।
- सीपीएम मशीन: कंटीन्यूअस पैसिव मोशन मशीन से घुटना हिलाया जाता है ताकि अकड़न न हो।
पहला दिन:
- डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से बिस्तर पर बैठने की कोशिश करेंगे।
- टखने और पैर की उंगलियों को हिलाने के लिए कहा जाएगा (ताकि खून का थक्का न बने)।
- गहरी सांस लेने के व्यायाम करें (निमोनिया से बचाव के लिए)।
दूसरे-तीसरे दिन:
- फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से वॉकर या बैसाखी के सहारे चलने की कोशिश करेंगे।
- घुटने को मोड़ने और सीधा करने के व्यायाम शुरू होंगे।
- ड्रेनेज ट्यूब हटा दी जाएगी।
घर लौटने के बाद पहले हफ्ते (Day 4-7)
घाव की देखभाल:
- घाव को सूखा रखें। नहाते समय प्लास्टिक कवर लगाएं।
- पट्टी डॉक्टर के कहने तक लगी रहने दें।
- घाव के आसपास हल्की लालिमा और सूजन नॉर्मल है। अगर बहुत ज्यादा लाल हो जाए, पस आए, या बुखार आए तो डॉक्टर को बताएं।
- टांके या स्टेपल्स 10-14 दिन में हटाए जाएंगे।
सूजन कम करने के उपाय:
- आइस पैक: दिन में 3-4 बार 15-20 मिनट के लिए आइस पैक रखें (सीधे त्वचा पर नहीं, कपड़े में लपेटकर)।
- पैर ऊपर रखें: जब भी बैठें या लेटें, पैर को तकिए पर ऊपर रखें (घुटने से ऊपर दिल के लेवल तक)।
- कम्प्रेशन स्टॉकिंग: डॉक्टर की सलाह पर स्टॉकिंग पहनें (खून के थक्के रोकने और सूजन कम करने के लिए)।
चलना-फिरना:
- वॉकर या बैसाखी के सहारे दिन में 3-4 बार 5-10 मिनट टहलें।
- सीढ़ियां चढ़ने से बचें, एक बार में 2-3 सीढ़ियां ही चढ़ें।
- लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें, हर 30-40 मिनट में उठकर थोड़ा टहलें।
फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज (सबसे अहम)
टोटल नी रिप्लेसमेंट के बाद फिजियोथेरेपी सबसे महत्वपूर्ण है। जितनी जल्दी और नियमित एक्सरसाइज करेंगे, उतनी जल्दी घुटना ठीक होगा।
शुरुआती एक्सरसाइज (पहले 2 हफ्ते):
- एंकल पंप्स (Ankle Pumps): पैर की उंगलियों को अपनी तरफ खींचें और दूर करें, 10-15 बार, दिन में कई बार।
- क्वाड सेट्स (Quad Sets): लेटकर घुटने को सीधा रखें, जांघ की मांसपेशियों को कसें, 5-10 सेकंड रोकें, छोड़ें।
- हील स्लाइड्स (Heel Slides): लेटकर एड़ी को धीरे-धीरे नितंब की तरफ खिसकाएं, घुटना मोड़ें, फिर सीधा करें।
- लेग रेजेज (Leg Raises): लेटकर एक पैर सीधा रखें, उसे 30-45 डिग्री ऊपर उठाएं, 5-10 सेकंड रोकें, धीरे से नीचे लाएं।
2-6 हफ्ते में एक्सरसाइज:
- स्टैंडिंग हील रेजेज (खड़े होकर एड़ी उठाना)
- हाफ स्क्वैट्स (आधा उकड़ू बैठना)
- स्टेटिक साइकिल (सीट ऊंची रखकर)
- सीढ़ियां चढ़ना-उतरना (रेलिंग पकड़कर)
6 हफ्ते के बाद:
- तेज चलना (बिना वॉकर के)
- तैराकी
- पूरा स्क्वैट्स (डॉक्टर की अनुमति से)
⚠️ ध्यान दें: दर्द होने पर एक्सरसाइज न करें। हर एक्सरसाइज डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही करें।
क्या खाएं और क्या न खाएं?
हड्डियां मजबूत करने के लिए खाएं:
- प्रोटीन: दालें, अंडे, मछली, चिकन, सोया - मांसपेशियां मजबूत करने के लिए।
- कैल्शियम: दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां।
- विटामिन सी: संतरा, नींबू, आंवला, टमाटर - घाव जल्दी भरने के लिए।
- जिंक: कद्दू के बीज, चना, नट्स - इम्यूनिटी के लिए।
- खूब पानी: 8-10 गिलास रोज।
इनसे बचें:
- तला-भुना, जंक फूड (सूजन बढ़ाते हैं)।
- ज्यादा नमक (सूजन बढ़ाता है)।
- शराब और धूम्रपान (रिकवरी धीमी करते हैं)।
दैनिक जीवन में सावधानियां
क्या करें:
- ऊंची कुर्सी पर बैठें (जिससे घुटना कम मुड़े)।
- टॉयलेट सीट ऊंची लगवाएं या कमोड चेयर इस्तेमाल करें।
- नहाते समय शॉवर चेयर का इस्तेमाल करें।
- हाथ की रेलिंग लगवाएं।
- फिसलन वाली चटाई न बिछाएं।
क्या न करें:
- ❌ 3 महीने तक पैर क्रॉस करके न बैठें।
- ❌ नीचे बैठकर काम न करें (जमीन पर)।
- ❌ घुटने को 90 डिग्री से ज्यादा न मोड़ें (पहले 6 हफ्ते)।
- ❌ भारी वजन (5 किलो से ज्यादा) न उठाएं।
- ❌ दौड़ें, कूदें नहीं।
कब डॉक्टर से मिलें?
नियमित फॉलोअप: 2 हफ्ते (टांके हटाने), 6 हफ्ते, 3 महीने, 6 महीने और 1 साल बाद।
तुरंत डॉक्टर से मिलें अगर:
- बुखार आए (101°F से ज्यादा)।
- घाव से पस, खून या दुर्गंध आए।
- घाव के आसपास बहुत ज्यादा लालिमा, सूजन या गर्मी हो।
- पैर में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा हो (खून का थक्का बन सकता है - DVT)।
- सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द हो।
✅ रिकवरी टिप्स
- फिजियोथेरेपी नियमित करें - यही सबसे जरूरी है।
- दर्द की दवा समय पर लें, दर्द होने पर एक्सरसाइज नहीं होगी।
- पैर ऊपर रखें और आइस पैक लगाएं (सूजन कम करने के लिए)।
- हेल्दी डाइट लें, खूब पानी पिएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई एक्सरसाइज न करें।
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