👨⚕️ डॉ. सुनील पंवर (गंगा अमृत हॉस्पिटल): "एंजियोप्लास्टी एक जानलेवा प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जान बचाने वाली प्रक्रिया है। 30 मिनट में ब्लॉकेज खोलकर मरीज को नई जिंदगी दी जा सकती है।"
- एंजियोप्लास्टी क्या है और क्यों की जाती है?
- स्टेंट क्या होता है और कैसे काम करता है?
- एंजियोप्लास्टी की पूरी प्रक्रिया (Step by Step)
- क्या यह सर्जरी है? कितना दर्द होता है?
- हॉस्पिटल में कितने दिन रहना होता है?
- एंजियोप्लास्टी के बाद क्या सावधानियां बरतें?
- एंजियोप्लास्टी बनाम बाईपास सर्जरी - क्या बेहतर?
एंजियोप्लास्टी क्या है? (What is Angioplasty?)
एंजियोप्लास्टी एक न्यूनतम आक्रामक (Minimally Invasive) प्रक्रिया है जिसमें हृदय की ब्लॉक हुई धमनियों (कोरोनरी आर्टरीज) को खोला जाता है। इसे परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन (PCI) भी कहते हैं।
दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमने से प्लाक बन जाता है, जिससे धमनी सिकुड़ जाती है या बंद हो जाती है। इससे दिल तक खून की सप्लाई कम हो जाती है, जिससे सीने में दर्द (एनजाइना) या हार्ट अटैक हो सकता है। एंजियोप्लास्टी में इस ब्लॉकेज को खोलकर नॉर्मल ब्लड फ्लो बहाल किया जाता है।
स्टेंट क्या है? (What is a Stent?)
स्टेंट एक छोटी सी जालीदार (Wire Mesh) ट्यूब होती है, जो धातु (Metal) या कभी-कभी घुलनशील (Bioabsorbable) पदार्थ की बनी होती है। इसे एंजियोप्लास्टी के दौरान ब्लॉक हुई धमनी में लगाया जाता है।
स्टेंट के प्रकार:
- बेयर-मेटल स्टेंट (Bare-Metal Stent): सिर्फ धातु का बना होता है।
- ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट (Drug-Eluting Stent): इसमें दवा लगी होती है जो धमनी को दोबारा ब्लॉक होने से रोकती है।
- बायोरिसॉर्बेबल स्टेंट (Bioabsorbable Stent): यह धीरे-धीरे घुल जाता है।
एंजियोप्लास्टी क्यों की जाती है? (Why is Angioplasty Done?)
- हार्ट अटैक (मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन) के दौरान तुरंत धमनी खोलने के लिए।
- गंभीर सीने में दर्द (एनजाइना) जो दवाओं से कंट्रोल न हो रहा हो।
- स्ट्रेस टेस्ट या एंजियोग्राफी में गंभीर ब्लॉकेज पाए जाने पर।
- दिल की धमनियों में एक या दो ब्लॉकेज हों (बाईपास के लिए जरूरी न हो)।
एंजियोप्लास्टी की पूरी प्रक्रिया (Step by Step)
Step 1: तैयारी (Preparation)
एंजियोप्लास्टी से पहले मरीज को हल्का sedative दिया जाता है ताकि वह रिलैक्स रहे। मरीज पूरी तरह होश में रहता है। कलाई (Radial Artery) या जांघ (Femoral Artery) की नस को साफ किया जाता है और लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
Step 2: एंजियोग्राफी (Angiography)
सबसे पहले एक पतली ट्यूब (कैथेटर) को धमनी के रास्ते दिल तक पहुंचाया जाता है। कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट की जाती है और एक्स-रे से ब्लॉकेज की लोकेशन और साइज देखी जाती है। इसे एंजियोग्राफी कहते हैं।
Step 3: गुब्बारा फुलाना (Balloon Inflation)
ब्लॉकेज वाली जगह पर एक छोटे गुब्बारे (Balloon) वाला कैथेटर पहुंचाया जाता है। गुब्बारे को फुलाया जाता है, जिससे प्लाक धमनी की दीवारों पर दब जाता है और धमनी चौड़ी हो जाती है।
Step 4: स्टेंट लगाना (Stent Placement)
ज्यादातर मामलों में गुब्बारे के साथ स्टेंट लगा होता है। गुब्बारा फुलने पर स्टेंट भी फैल जाता है और धमनी की दीवार से चिपक जाता है। फिर गुब्बारे को डिफ्लेट करके निकाल लिया जाता है, लेकिन स्टेंट वहीं रह जाता है।
Step 5: निकालना और दबाव (Removal and Pressure)
कैथेटर और वायर को निकाल लिया जाता है। कलाई या जांघ पर 10-15 मिनट तक दबाव दिया जाता है ताकि खून न बहे। फिर पट्टी बांध दी जाती है।
⏱️ कुल समय: पूरी प्रक्रिया में 30-60 मिनट लगते हैं। हार्ट अटैक के मामले में इसे 90 मिनट के अंदर करना जरूरी होता है (Door-to-Balloon Time)।
क्या एंजियोप्लास्टी सर्जरी है? कितना दर्द होता है?
नहीं, एंजियोप्लास्टी को सर्जरी नहीं माना जाता क्योंकि इसमें कोई चीरा (Incision) नहीं लगाया जाता। यह एक इंटरवेंशनल प्रक्रिया है।
दर्द: लोकल एनेस्थीसिया के कारण प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होता। हां, गुब्बारा फुलाते समय हल्का दबाव या बेचैनी महसूस हो सकती है, लेकिन यह सेकंडों में ठीक हो जाता है।
हॉस्पिटल में कितने दिन रहना होता है?
- नियमित एंजियोप्लास्टी: 1-2 दिन (अगर कलाई के रास्ते की गई तो उसी दिन छुट्टी भी हो सकती है)।
- हार्ट अटैक में: 3-5 दिन (हालत पर निर्भर)।
एंजियोप्लास्टी के बाद क्या सावधानियां बरतें?
पहले 24-48 घंटे:
- जिस हाथ/पैर से प्रक्रिया हुई है, उसे 24 घंटे भारी काम न करने दें।
- कलाई पर पट्टी लगी हो तो 24 घंटे पानी न लगने दें।
- खूब पानी पिएं ताकि डाई शरीर से बाहर निकल जाए।
- अगर जांघ से प्रक्रिया हुई है तो 24 घंटे सीधा न बैठें, लेटे रहें।
पहले हफ्ते:
- 5 किलो से ज्यादा वजन न उठाएं।
- गाड़ी न चलाएं (कम से कम 1 हफ्ते)।
- हल्की सैर कर सकते हैं।
- नहाते समय पट्टी वाली जगह को ढककर रखें।
लंबे समय के लिए:
- दवाइयां: डॉक्टर ने जो दवाइयां दी हैं (खासकर ब्लड थिनर्स - एस्पिरिन, क्लोपिडोग्रेल) उन्हें नियमित लें, बिना डॉक्टर की सलाह बंद न करें। ये स्टेंट में क्लॉट बनने से रोकती हैं।
- डाइट: कम नमक, कम चीनी, कम तेल वाला खाना खाएं। हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज लें।
- एक्सरसाइज: रोज 30-40 मिनट तेज चलें।
- धूम्रपान: बिल्कुल बंद करें।
- शराब: सीमित मात्रा में या बंद करें।
एंजियोप्लास्टी बनाम बाईपास सर्जरी - क्या बेहतर?
✅ एंजियोप्लास्टी के बाद याद रखें
- दवाइयां नियमित लें, खासकर ब्लड थिनर्स।
- धूम्रपान बिल्कुल बंद करें।
- डाइट में नमक, तेल, चीनी कम करें।
- रोज 30 मिनट टहलें।
- ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखें।
- नियमित जांच के लिए डॉक्टर से मिलें।
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